GT America Devanagari

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  • Thin
  • Light
  • Regular
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  • Black
  • Ultra Light
    खीर भारतीय व्यंजनों में से एक है जो बहुत समय से बनाया जा रहा है। इसे पुरानी संस्कृति में भी पसंद किया जाता था। खीर के बनाने की विधि भी काफी पुरानी है। इसे बनाने के लिए दूध, चावल और चीनी को मिलाकर उबाला जाता है और इसमें खुशबू और स्वाद के लिए केसर और खोपरा भी डाला जाता है।
  • Thin
    अक्सर आप इन्हें किसी विशेष उत्सव या समारोह में खाते होंगे या फिर कभी-कभी बज़ार से लाकर। पर क्या कभी आपने इन्हें घर पर बनाया है? यदि नहीं तो आज बनाकर देखिये। गुलाब जामुन दो तरीके से बनते हैं। मावे में थोड़ा सा मैदा मिला कर और मावे में पनीर मिला कर। दोनों ही तरह से बने हुए गुलाब जामुन अत्यंत स्वादिष्ट लगते हैं। आइये आज हम मावे में पनीर मिला कर गुलाब जामुन बनाते हैं। समय : करीब १-१.१/२ घंटा। एक बर्तन में चीनी और चीनी की मात्रा से आधा पानी मिलाकर गैस पर पकने रख दीजिये।
  • Light
    चांदी तत्व का एक बड़ी मात्रा में सेवन अर्जीरिया का कारण बन सकता है, लेकिन वर्क में इसकी बहुत ही कम मात्रा होने के कारण इसे शरीर के लिए हानिकारक नहीं माना जाता। वरक़ बनाने के लिए चांदी को पीट पीट कर एक चादर में ढाला जाता है और इसकी मोटाई मात्र कुछ माइक्रोमीटर ही रह जाती है।
  • Regular
    खीर एक प्रकार का मिष्टान्न है जिसे चावल को दूध में पका कर बनाया जाता है। खीर को पायस भी कहा जाता है। 'खीर' शब्द, 'क्षीर' (= दूध) का अपभ्रंश रूप है। जो इसकी एक अलग मिठास देता है। इसकी खुशबू और स्वाद लोगों को मुग्ध करते हैं और उनके मुंह में पानी आ जाता है।
  • Medium
    ३-४ काजू के टुकड़े और एक किशमिश उसके ऊपर रख कर मावे को चारों ओर से उठा कर बंद कर दीजिये और दोनों हथेलियों के बीच रख कर गोल करके प्लेट में रख लीजिये। सारे गोले इसी तरह तैयार कर लीजिये।
  • Bold
    खीर एक प्रकार का मिष्टान्न है जिसे चावल को दूध में पका कर बनाया जाता है। खीर को पायस भी कहा जाता है। 'खीर' शब्द, 'क्षीर' (= दूध) का अपभ्रंश रूप है। जो इसकी एक अलग मिठास देता है। इसकी खुशबू और स्वाद लोगों को मुग्ध करते हैं और उनके मुंह में पानी आ जाता है।
  • Black
    चांदी तत्व का एक बड़ी मात्रा में सेवन अर्जीरिया का कारण बन सकता है, लेकिन वर्क में इसकी बहुत ही कम मात्रा होने के कारण इसे शरीर के लिए हानिकारक नहीं माना जाता। वरक़ बनाने के लिए चांदी को पीट पीट कर एक चादर में ढाला जाता है और इसकी मोटाई मात्र कुछ माइक्रोमीटर ही रह जाती है।
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Typeface information

GT America Devanagari is the missing bridge between 19th century American Gothics and 20th century European Neo-Grotesk typefaces, built from the ground up as a sturdy workhorse.

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Latin: Identical to GT America

Devanagari: Apabhramsha, Angika, Awadhi, Bajjika, Bhili, Bhojpuri, Basic Sanskrit, Boro, Braj, Chhattisgarhi, Dogri, Garhwali, Haryanvi, Hindi, Kashmiri, Khandeshi, Konkani, Kumaoni, Magahi, Maithili, Marathi, Marwari, Mundari, Nagpuri, Newari, Nepali, Pāli, Pahari, Prakrit, Rajasthani, Santali, Saraiki, Sherpa, Sindhi, Surjapuri

Typeface Minisite
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